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Monday, May 3, 2021

Dhal Vidroh 1767-1777 (ढाल विद्रोह-1767-1777)

➧ Dhal Vidroh (1767-1777)

➧ ढाल विद्रोह झारखंड प्रदेश में अंग्रेजों के विरुद्ध प्रथम विद्रोह था 

ढाल विद्रोह-1767-1777

➧ ढाल विद्रोह का अर्थ है "ढाल  राजा के नेतृत्व में संपूर्ण ढाल राज्य की जनता का विद्रोह" 

➧ अंग्रेजों ने सिंहभूम  की दीवानी प्राप्त कर सिंहभूम के क्षेत्र को अपने अधिकार में ले लिया जिसके प्रतिक्रिया स्वरूप वहां के लोगों ने विद्रोह कर दिया 

➧ इस विद्रोह का  प्रारंभ 1767 ईस्वी  में सिंहभूम क्षेत्र में हुआ था जो 1777 ईस्वी तक (10 वर्ष) तक चला 

➧ इस विद्रोह को धालभूम के अपदस्थ राजा जगन्नाथ ढाल ने नेतृत्व प्रदान कर व्यापक स्वरूप प्रदान किया

 जगन्नाथ ढाल को अपदस्थ कर अंग्रेजों ने नीमू ढाल को धालभूम का राजा बनाया था 

➧ इस विद्रोह का दमन करने के लिए कंपनी ने लेफ्टिनेंट रुक तथा चार्ल्स मेगन को भेजा, परन्तु ये अधिकारी दमन करने में असफल रहे 

➧ 1777 ईस्वी में कंपनी शासन द्वारा जगन्नाथ ढाल को राजा स्वीकार किये जाने के बाद यह विद्रोह समाप्त हो गया 

➧ ढालभूम का राजा बनाये जाने के बदले में जगन्नाथ ढाल द्वारा अंग्रेजों को तीन वर्षो तक क्रमश: 2000/-, 3000/- तथा अधिकतम ₹4000 वार्षिक कर के रूप में देना स्वीकार किया। 

➧ 1780 ईस्वी में इस राशि को बढ़ाकर 4267 रूपये कर दिया गया  

➧ झारखण्ड में अंग्रेजों का प्रवेश सिंहभूम की ओर से हुआ था


                                                                                             👉Next Page: चुआर विद्रोह-1769-1805
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