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Wednesday, June 2, 2021

Jharkhand Ki Aadim Janjatiyan Part-3 (झारखंड की आदिम जनजातियां Part-3)

Jharkhand Ki Aadim Janjatiyan Part-3  

बिरहोर जनजाति 

➧ बिरहोह जनजाति घुमन्तु  जीवन व्यतीत करते हैं
➧ प्रजाति रूप से यह जनजाति प्रोटो-ऑस्ट्रोलॉयड समूह से संबंधित है, जबकि भाषायी रूप से इनका संबंध ऑस्ट्रो -ऑस्ट्रोलॉयड समूह से है
➧ इनकी भाषा बिरहारी है

झारखंड की आदिम जनजातियां Part-3

➧ यह जनजाति स्वयं को सूर्यवंशी मानती हैं
➧ यह जनजाति मूलत: झारखंड राज्य में ही पायी जाती हैं
➧ झारखंड में इनका संकेन्द्रण मुख्यत: हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, रांची, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, लातेहार और सिंहभूम क्षेत्र में है


समाज और संस्कृति 

➧ इनका परिवार पितृसत्तात्मक और पितृवंशीय होता है 
 इनके बस्ती को टंडा तथा इनकी झोपड़ी को कुम्बा/कुरहर कहा जाता है 
➧ इनमें भी बड़ी झोपड़ी को 'ओड़ा कुम्बा' व छोटी झोपड़ी को 'चु कुम्बा' कहा जाता है
➧ इस जनजाति में 13 गोत्र पाए जाते हैं
➧ इस जनजाति में युवागृह को 'गितिजोरी, गत्योरा या गितिओड़ा' कहा जाता है
➧ लड़कों के गितिओड़ा' को 'डोंडा कांठातथा लड़कियों के गितिओड़ा' को डिंडी कुंडी कहा जाता है
 इस जनजाति में 10 प्रकार के विवाहों का प्रचलन है
➧ क्रय विवाह इस जनजाति में सबसे अधिक प्रचलित है, जिसे 'सदर बापला' कहा जाता है 
 इनका प्रमुख त्योहार करमा, सोहराई, नवाजोम, जितिया, दलई आदि है
 इस जनजाति में डंग , लांगरी, मुतकर नामक नृत्य अत्यंत प्रचलित है
 तुमदा (मांदर या ढोल), तमक (नगाड़ा) तथा तिरियों (बांस की बांसुरी) इनके प्रमुख वाद्य यंत्र है

आर्थिक व्यवस्था

➧ इस जनजाति का प्रमुख पेशा लकड़ी काटना, शिकार करना एवं खाद्य संग्रहण करना है
➧ घुमंतू जीवन जीने वाले बिरहोरों को उलथू या भूलियास तथा स्थायी जीवन जीने वाले बिरहोरों को जांघी या थानिया कहा जाता है
 इस जनजाति में भूमि को सामुदायिक संपत्ति माना जाता है जिसे बेचना निषिद्ध होता है 
➧ बिरहोर जनजाति के लोग पीतल, तांबे और कांसे के कार्य में दक्ष होते हैं 

धार्मिक व्यवस्था 

➧ इनके प्रमुख देवता सिंगबोंगा, ओरा, बोंगा, कान्दो बाेंगा, होपरोम बोंगा, टण्डा बोंगा, एवं देवी माई हैं  
➧ इनके धार्मिक प्रधान को 'नाये' कहते हैं

                                                                                 👉 Next Page:झारखंड की आदिम जनजातियां Part-4
                                                                 
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