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Tuesday, September 22, 2020

Jharkhand Ki Prashasanik Vyavastha Part-4(Administrative System Of Jharkhand)


झारखण्ड की प्रशासनिक व्यवस्था PART-4

(Administrative System Of Jharkhand)


➤प्रखंड प्रशासन (Block)

➤जिला प्रशासन की दूसरी सीढ़ी प्रखंड प्रशासन है।
 


➤इसमें अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद और कार्य प्रमुख होते हैं।

➤झारखण्ड  निर्माण के समय प्रखंडों की संख्या कुल संख्या 210 थी। 

➤झारखण्ड राज्य निर्माण के बाद  57 और प्रखंडों का सृजन किया गया।

➤इस तरह से वर्तमान में 267 प्रखंड  है। 

➤अन्य राज्यों की भांति झारखंड में अनुमंडल को दो या अधिक प्रखंड या राजस्व अंचल में विभाजित करने की  प्रथा है।
 
➤प्रखंड का प्रमुख प्रखंड विकास पदाधिकारी (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) होता है। 

➤अंचल का प्रमुख अंचलाधिकारी होता है। 

➤इस पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति की जाती है। 

➤प्रखंड विकास अधिकारी और उसके कार्य

➤यह राज्य प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी अथवा राज्य कृषि सेवा के अधिकारियों को सौंपा जाने वाला 
पद है।  

➤यह अधिकारी प्रखंड के सभी विभागों के अधिकारियों के बीच सहयोगी और समन्वयक की भूमिका 
निभाता है। 

➤इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित है:-

➤केंद्र सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन करना। 

➤ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार संबंधी आवेदनों की अनुशंसा करना।  

➤ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन करना। 

➤अंचलाधिकारी और उसके कार्य

➤अंचलाधिकारी  और उसके कार्य पदाधिकारी को दिया जाता है। 

➤अंचल का प्रमुख अंचलाधिकारी होता है। 

➤ अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार है।  

➤भू-राजस्व, भू -अभिलेख, विधि व्यवस्था का संधारण करना है।  

➤चुनाव, जनगणना, कृषि सांखियकी, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, आवासीय प्रमाण-पत्र जारी करना।

➤पर्व-त्योहारों में शांति-व्यवस्था, सौहार्द बनाने और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा का प्रबंधन करना।

➤ राज्य में आदिवासियों की भूमि-संबंधी अधिकारों की सुरक्षा करना।

➤समाज कल्याण के सभी कार्यों का संपादन करना।

➤ आपदा, दुर्घटना, दंगा, पीड़ित लोगों के मुआवजे का आकलन और मुआवजा देने का कार्य करना।

➤पुलिस प्रशासन

➤झारखंड राज्य पुलिस संरचना


➤महानिदेशक  (Director General Of Police) 

➤अपर महानिदेशक (Additional Director General) 

➤महानिरीक्षक (Inspector General)

➤उपमहानिरीक्षक (Deputy Inspector General)

➤आरक्षी पुलिस अधीक्षक (Superintendent of police)

➤ आरक्षी उपाधीक्षक या अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (Deputy superintendent or sub-divisional police officer)

➤आरक्षी निरीक्षक ( Inspector Of Police)

➤आरक्षी अवर निरीक्षक या थाना प्रभारी (Sub- Inspector Of Police)

➤ सहायक अवर निरीक्षक  (Assistant Sub- Inspector)

➤हवालदार (hawaldar)

➤सिपाही (constable)

➤महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस)- राज्य स्तरीय पुलिस संरचना में सबसे ऊपर महानिदेशक होता है। 

➤अपर महानिदेशक इसके नीचे क्रमशः अपर महानिदेशक एवं महानिरीक्षक होता है। 

➤महानिरीक्षक के नीचे उपमहानिरीक्षक होता है।

➤उपमहानिरीक्षक  जो प्रमंडल का प्रधान पुलिस अधिकारी होता है और आयुक्त के समक्ष होता है। 

➤उपमहानिरीक्षक के नीचे आरक्षी अधीक्षक का पद होता है। 

➤आरक्षी पुलिस अधीक्षक जो जिला का प्रधान पुलिस अधिकारी होता है। 

➤आरक्षी अधीक्षक( एस पी) के नीचे आरक्षी उपाधीक्षक अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी होता है।

➤आरक्षी उपाधीक्षक या अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी  जो अनुमंडल का प्रधान पुलिस अधिकारी होता है।

➤पुलिस मुख्यालय में नियुक्त होने पर यह आरक्षी उपाधीक्षक एवं क्षेत्र में नियुक्त होने पर अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी कहलाता है।

➤आरक्षी उपाधीक्षक या अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नीचे आरक्षी निरीक्षक का पद होता है। 

➤आरक्षी निरीक्षक जो एक से अधिक थानों का प्रभारी होता है।

➤ बड़े इलाके में (उदाहरण - राँची कोतवाली थाना) एक ही थाना का प्रभारी होता है।

➤आरक्षी निरीक्षक  के नीचे आरक्षी अवर निरीक्षक या थाना प्रभारी का पद होता है।  

➤आरक्षी अवर निरीक्षक या थाना प्रभारी जो थाना का प्रधान पुलिस अधिकारी होता है इसे थाना प्रभारी भी कहा जाता है। 

➤विदित हो कि सबसे निचली इकाई थाना ही होता है जो प्रखंड या अंचल के समकक्ष होता है।

➤अवर निरीक्षक के नीचे क्रमशः सहायक अवर निरीक्षक, हवलदार और सिपाही होते हैं।

➤सिपाही पुलिस संरचना का सबसे नीचे पद होता है। 

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