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Wednesday, January 13, 2021

Jharkhand Ki Parivahan Vyavastha(झारखंड की परिवहन व्यवस्था)

Jharkhand Ki Parivahan Vyavastha


झारखंड की परिवहन व्यवस्था

➤किसी भी राज्य की आर्थिक जीवन में परिवहन के साधनों का काफी महत्व होता है
। 

➤परिवहन के साधन राज्य की आर्थिक प्रगति तथा विकास के प्रतीक होते हैं।

➤परिवहन के साधनों का महत्व न केवल उत्पादन के समुचित प्रादेशिक वितरण एवं क्षेत्रीय उत्पादनों  के लिए बाजार की सुविधा के संदर्भ में है, परंतु यह उत्तम प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी अनिवार्य है।

➤परिवहन के साधन

1) सड़क परिवहन 

2) रेल परिवहन 

3) वायु परिवहन 

1) सड़क परिवहन

➤सड़क परिवहन :- यह झारखंड में परिवहन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधन है। 

➤झारखंड में कुल सड़क मार्ग की लंबाई 26,277 किलोमीटर है। 

➤झारखंड राज्य में सड़क का घनत्व (सड़क किलोमीटर /1000 वर्ग किलोमीटर) 122 पॉइंट 33 है, जो राष्ट्रीय घनत्व 182 पॉइंट 40 से कम है। 

➤झारखंड की सड़कों को निम्नलिखित चार भागों में विभाजित किया जा सकता है :-

I) राष्ट्रीय राजमार्ग 
II) राजकीय राजमार्ग
III) लोक निर्माण विभाग की सड़कें 
IV) ग्रामीण सड़कें 

I) राष्ट्रीय राजमार्ग:-

➤राष्ट्रीय राजमार्ग :- ऐसे प्रमुख मार्ग जो 1 से अधिक राज्यों को मिलाते हुए गुजरते हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग कहलाते हैं। 

➤राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 2678 पॉइंट 83 किलोमीटर है।

➤राज्य से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल संख्या 23 है। 

➤राज्य से गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग हैं :- राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 2, 6, 23, 31, 32, 33, 43, 75, 78,  80, 98, 99,100, 103B, 114A, 133A, 143A, 220, 333, 333A, 343 और 419 । 

➤राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 32 और 33 राज्य के सर्वाधिक महत्वपूर्ण राजमार्ग हैं 

➤ये  बिहार और अन्य राज्यों के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ते हैं। 

➤राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 33 झारखंड का सबसे लंबा (333 पॉइंट 5 किलोमीटर) राष्ट्रीय राजमार्ग है। 

➤भारत के प्रमुख एक्सप्रेस मार्गो में से एक ग्राण्ड ट्रंक रोड (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -2 ) झारखंड से होकर गुजरता है। 

II) राजकीय राजमार्ग:-

➤राजकीय राजमार्ग :- इस श्रेणी में वैसे प्रमुख सड़कें आती हैं ,जो राज्य की राजधानी को जिला मुख्यालय से जोड़ते हैं।

➤झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1777 पॉइंट 2 किलोमीटर है। 

➤राजकीय राजमार्ग की देख-रेख, मरम्मत और निर्माण की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है।  

➤यह सरकार के पी0 डब्ल्यू0 डी0  विभाग के जिम्मे है।  

III) लोक निर्माण विभाग की सड़कें :-

➤लोक निर्माण विभाग की सड़कें:-  झारखंड में 5880 पॉइंट 89  किलोमीटर सड़कें लोक निर्माण विभाग की है। यह विभाग इसका निर्माण और रख-रखाव करता है।

IV) ग्रामीण सड़कें

➤ग्रामीण सड़क :- ये प्रायः कच्ची सड़कें होती हैं, जिनका निर्माण स्थानीय पंचायत के सहयोग से किया जाता है

➤इनकी व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य के ग्रामीण अभियंत्रण संगठन की है। 

➤झारखंड के मात्र 50% गांव पक्की सड़कों से जुड़े हैं।

2) रेल परिवहन:-

➤रेल परिवहन:- ईस्ट इंडिया रेल कंपनी द्वारा कोलकाता से राजमहल तक बनाए गए प्रथम रेल मार्ग के साथ ही झारखंड में सन 1860 -62 से रेल परिवहन का विकास शुरू हुआ था। 

➤राज्य में प्रारंभिक रेल मार्गों का विकास उन्हीं क्षेत्रों में किया गया था, जहां कोयला, लोहा, आदि खनिजों को ढ़ोने  की आवश्यकता थी।

➤राज्य में रेल मार्ग की कुल लंबाई 1,943 किलोमीटर है।

➤राज्य में कुल 252 रेलवे स्टेशन हैं,जिनमे 97 बड़े स्टेशन हैं। 

➤धनबाद रेलवे स्टेशन राज्य का सबसे बड़ा स्टेशन है,जहां से सबसे अधिक राजस्व की प्राप्ति होती है।

➤राज्य के कई जिले अभी भी रेल सुविधा से वंचित है।

➤वर्तमान में झारखंड में दो रेलवे परिक्षेत्र है:- पूर्वी-रेलवे एवं दक्षिण-पूर्व रेलवे।

➤राज्य में छ: नए रेलवे परियोजना का काम प्रगति पर है। जिसकी कुल लंबाई 565 किलोमीटर है।

3) वायु परिवहन:- 

➤वायु परिवहन झारखंड में सबसे पहले हवाई अड्डे का निर्माण 1941 ईस्वी में हुआ था।                     

➤रांची स्थित हवाई अड्डे का नाम बिरसा मुंडा हवाई अड्डा है।

➤रांची से नियमित वायु सेवा मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता,अहमदाबाद, भुवनेश्वर, हैदराबाद, जयपुर और पटना के लिए उपलब्ध है।

➤राज्य में एयर इंडिया, इंडिगो, गो एयर, जेट एयरवेज, विस्तारा तथा एयर एशिया की एयर लाइनस  सुविधाएं बिरसा मुंडा हवाई अड्डा से उपलब्ध है।

➤राज्य में रांची के अतिरिक्त जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो ,हजारीबाग, मोदीनगर, नोवामुंडी , चाकुलिया, गिरिडीह, देवघर, मैथन , दुमका आदि जगहों में हवाई पट्टियां बनाई गई हैं। 

➤इन हवाओं की घेराबंदी,रनवे को बेहतर बनाने तथा टर्मिनल भवन स्थापित करने हेतु सरकार कदम उठाए जा रहे हैं। 

➤अन्तर्राज्यीय नियमित उड़ान हेतु जमशेदपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर धालभूमगढ़ में हवाई पट्टी का निर्माण कराए जाने का कार्य प्रगति पर है। 

➤राज्य में अभी भी प्रतिदिन विमान से यात्रा करने वाले यात्रियों की औसत संख्या बहुत कम है।

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